- झुँझुनू - एक परिचय
Supdt. of Police
SP Jhunjhunu
शेखावाटी का सिरमौर
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झुँझुनू परिचय
झुँझुनू - एक परिचय पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल
                     भारत की आन, राजस्थान की शान और शेखावाटी का सिरमौर है - झुँझुनू जिला । अरावली पर्वत माला से परिवेष्ठित इसके दक्षिणी-पूर्वी भाग को प्रक़ति ने सजलता मूलक झरनों के प्रवाह और फल-फूलों की सधनता से श्रंगारित किया हैं,तो कुदरत ने उत्तरी-पश्चिमी भाग को स्वर्णिम रेत के धोरों की सौगात भी प्रदान की हैं। इतिहासवेता हरनाथ सिंह के अनुसार झुन्झुनूं पांचवी छटी शताब्दी में गुर्जर काल में बसाया गया था । चौहान शासनकाल, अनन्त और बांगड् राज्यों के उल्लेख  में भी झुन्झुनू का अस्तित्व पढने को मिलता है । एक उल्लेख यह भी मिलता है कि सन् 1451-1488 के बीच झूंझा नामक जाट ने झुँझुनू को बसाया । जयपुर रियासत की सबसे बडी निजामत शेखावाटी थी, जिसका कार्यालय झुन्झुनूं में था। सन् 1834 में मेजर हेनरी फोस्टर ने एक फौज का गठन किया जिसका नाम शेखावाटी ब्रिगेड रखा गया । झुँझुनू में जिस जगह यह ब्रिगेड रहती थी वह इलाका आज भी छावनी बाजार एवं छावनी मौहल्ला कहलाता है । देश को सर्वाधिक सैनिक देने एवं भारत मां की रक्षा हेतु प्राण न्यौछावर करने वाले सपूत देने वाला यह जिला वीरता की मिशाल है । महान युग दृष्टा स्वामी विवेकानंद का झुन्झुनूं जिले का सबसे बडा ठिकाना खेतडी से प्रगाढ रिश्ता था, जो शिकागों में हुये विश्व धर्म सम्मेलन में भाग लेने के समय खेतडी के महाराजा अजीत ने उनकी आर्थिक मदद की थी। देश के अनेकानेक सेठ साहूकारों की यह पित़ भूमि रही है। बिडला,  डालमिया, सिंघानिया, पौदार, लोयलका, कानोडिया, गोयनका, पीरामल आदि उधोगपतियों के घराने झुँझुनू जिले की ही देन है जो आज सम्पूर्ण देश व विदेश में अर्थजगत की धूरी बने हुये है।                  
             पयर्टन की द़ष्टि में झुंझुनू जिले का प्रमुख स्थान है । शेखावाटी में झुंझुनू जिला अरावली पर्वतीय हरियाली का वैभव होने के साथ साथ यहां की पुरानी हवेलियों में कला, संस्कृति , साहित्य और नाना प्रकार की जीवन शैली को प्रतिबिम्बित करने वाले इन्द्रधनुषी भित्ति- चित्रों की नयन प्रिय झांकी भी अंकित है। यहां के भव्य राजप्रासादों के दर-ओ-दीवार जहां इतिहास के उतार-चढाव की गाथाओं का बखान करते प्रतीत होते हैं वहीं कलात्मक मीनारों वाले कुओं, आकर्षक छतरियों, विशालकाय बावडियों,नयनाभिराम जोहडों व तालाबों तथा ,ऐतिहासिक किलों और स्मारकों में छुपा यंहा का गोरवशाली अतीत स्वयं अपने आप में एक अविस्मरणीय दस्तावेज के समान परिलक्षित होता हैं।  झुंझुनूं जिले के मण्डावा में हवेलिया में स्वर्ण कलाकृति, झुंझुनूं कस्बा में समस तालाब, जोरावर गढ, खेतडी महल, विश्व प्रसिद्व राणी सती का मंदीर, हवेलिया इत्यादि, खेतडी. में भोपालगढ, पनासागर तालाब, विवेकानंद स्मृति केन्द्र् , नवलगढ में पुरानी हवेलिया की भितिचित्र कलाकृतिया,पिलानी में बिरला मंदिर ,बिरला म्यूजियम इत्यादि झुंझुनूं जिले की गौरव पूर्ण इतिहास की झलक उजागर करती है।                                                                      
             वर्तमान झुँझुनू जिला भूतपूर्व जयपुर रियासत के अन्तर्गत एक निजामत थी, खेतडी, बिसाउ, नवलगढ, मण्डावा व डुण्डलोद की जागीरों और भौमियों के उदयपुरवाटी प्रदेश से मिलकर बनाया गया था । वर्ष 1949 में जयपुर रिसायत का भी वृहतर राजस्थान में विलय किया गया । बाद में राजस्थान राज्य के गठन के समय झुन्झुनूं जिला बनाया गया । जिला झुँझुनू समुद्र तट से 338 मीटर की उचाई पर राजस्थान के उतर पूर्व में 27*.38" और 28*.31" उतरी अक्षांश तथा 75*.02: और 76*.06" पूर्व देशान्तर के मध्य स्थित है । जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 5928 वर्ग किमी है । यह जिला शुष्क एवं अर्द्वशुष्क क्षेत्र में आता है । ग्रीष्मकाल में यहां का तापमान 48* तक पहुंच जाता है एवं शीतकाल में शून्य डिग्री तक तापमान गिर जाता है । जिले में एक बरसाती नदी है जो काटली नाम से जानी जाती है, जो 104 किमी लम्बाई तक बहकर जिले को दो भागो में विभाजित करती है । जिले में अरावली पर्वत की शाखाये उदयपुरवाटी तहसील से प्रवेश कर खेतडी, सिंघाना तक निकलती है, जिसकी सबसे उंची चोटी 1050 मीटर लोहार्गल में है । अरावली पर्वत की गोद में स्थित खेतडी में विश्व प्रसिद्व तांबे की खान है । जिले में तकनीकी शिक्षा का राष्ट्रीय सिरमौर पिलानी न केवल झुँझुनू का अपितू पुरे देश का गौरव स्थल है । देश के विभिन्न राज्यों से विद्या अध्ययन हेतु छात्र छात्राओं ने पिलानी में विधाविहार परिसर को एक लघु भारत का स्वरूप दे दिया है । पिलानी में भारत सरकार का एक केन्र्दीय इलेक्ट्रोनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) भी है जो देश के विज्ञान और तकनीकी विकास मे महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है ।                        
            वर्ष 2001 जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 19,13,689 है । जिले का लिंगानुपात 946 महिला प्रति 1000 पुरूष है । जिले में 5 उपखण्ड, 6 तहसील, 2 उप तहसील, 8 पंचायत समीति,ग्राम पंचायते 288, 12 नगरपालिका है । शहरी पुलिस थाना 12, ग्रामीण पुलिस थाना 6, पुलिस चौकी 22 एवं कारागार बन्दीगृह 2 , लोकसभा सदस्य 1  विधानसभा सदस्यों की संख्या 7 है।